छात्राओं से मालिश करवाने के मामले में अध्यापिका ने दी बेतुकी सफाई
रुड़की
छात्रों से मालिश कराने वाली टीचर ने अपनी सफाई देते हुए मीडिया को भी चौंका दिया। मालिशबाज टीचर का कहना है कि माइग्रेन का दर्द होने के कारण उन्होंने बच्चों से हल्की मालिश कराई थी, वो भी छुट्टी होने के बाद। अब इन अध्यापिका को कौन समझाए माइग्रेन का इलाज डॉक्टर करते हैं ना कि स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चे। दरअसल आपको बता दे कुछ दिन पहले मंगलौर कस्बे के राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय की एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थी। वीडियो में स्कूल की टीचर छात्राओं से मालिश कराते दिखाई दे रही थी। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो खबरों की सुर्खियां बनी, जिसके बाद विभाग ने भी जांच शुरू करा दी। अब मालिशबाज टीचर ने वायरल वीडियो पर अपनी सफाई दी है। टीचर का कहना है कि ये वीडियो उस समय की है जब स्कूल में एग्जाम खत्म हो चुके थे। बच्चों की छुट्टी के बाद टीचर स्टॉफ रूप में बैठे थे, और कुछ बच्चों के पैरेंट्स उन्हें लेने आने वाले थे। टीचर साहिबा ने बताया कि उनको काफी समय से गर्दन में माइग्रेन का दर्द होता है जिसका इलाज भी लगातार चल रहा है। उस दिन भी उन्हें माइग्रेन का दर्द होने लगा। टीचर का कहना है कि तभी ये बच्चे आए और कहने लगे कि हमने ब्यूटीपार्लर का कोर्स किया है हम आपकी मालिश कर देते हैं, लेकिन ये वीडियो किसने बनाई और इसे बाद में क्यों वायरल किया गया ये वो भी समझ नहीं पा रही है। अब सवाल ये उठता है कि माइग्रेन से पीड़ित एक टीचर की मालिश बच्चे इसलिए कर रहे हैं कि उनको दर्द हो रहा था, तो दूसरी पास बैठी टीचर की सर की मालिश छात्राएं क्यों कर रही हैं। टीचर की सफाई में झोल साफ नजर आता है, साथ ही तर्कहीन भी है। वहीं खण्ड शिक्षा अधिकारी अमित कोठियाल ने बताया कि मामला मीडिया के जरिये संज्ञान में आया था, जिसकी जांच चल रही है। माइग्रेन के दर्द वाले सवाल पर उन्होंने कहा मैं डॉक्टर नहीं हूं, जांच टीम इस मामले की जांच कर रही है, जांच के बाद ही कुछ कहना सम्भव होगा।
