विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग ने शास्त्री भवन, नई दिल्ली में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 का आयोजन किया
नई दिल्ली
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर विधि एवं न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग द्वारा शास्त्री भवन परिसर में एक विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विधायी विभाग तथा विधिक मामलों के विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
योग सत्र का संचालन मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा किया गया। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को विभिन्न योगासनों और श्वास व्यायामों की सही तकनीकों का प्रदर्शन करते हुए उनका अभ्यास कराया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने पूरे उत्साह के साथ योगाभ्यास में भाग लिया, जिससे यह सत्र ज्ञानवर्धक और स्वास्थ्यवर्धक साबित हुआ।
कार्यक्रम का नेतृत्व विधायी विभाग एवं विधि कार्य विभाग के सचिव डॉ. राजीव मणि ने किया। उनके साथ दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इसके अलावा आधिकारिक भाषा शाखा (ओएल विंग) और विधि साहित्य प्रकाशन (वीएसपी) सहित संबद्ध कार्यालयों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर डॉ. राजीव मणि ने योग विशेषज्ञों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी साधन भी है। उन्होंने दैनिक जीवन में योग को शामिल करने पर जोर देते हुए कहा कि स्वस्थ और जागरूक भारत के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ भारत के विजन का उल्लेख करते हुए कहा कि योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह प्रयास विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अर्जुन राम मेघवाल के मार्गदर्शन और नेतृत्व में और अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ रहा है।
कार्यक्रम का उद्देश्य योग के प्रति जागरूकता बढ़ाना, स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को रेखांकित करना था। सत्र के दौरान योग की भूमिका को सामाजिक सद्भाव, कार्यक्षमता में वृद्धि और सतत विकास से भी जोड़कर प्रस्तुत किया गया।
योग सत्र के अंत में प्रतिभागियों ने नियमित रूप से योग अपनाने और इसे अपनी जीवनशैली का अभिन्न हिस्सा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की दिशा में योग के महत्व को एक बार फिर रेखांकित किया।
