उत्तराखण्ड

जमीन परियोजना में करोड़ों की धोखाधड़ी का आरोप, दो साझेदारों के खिलाफ केस

बहादराबाद क्षेत्र में विकसित हो रही एक आवासीय परियोजना में साझेदारी के नाम पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। परियोजना के दो साझेदारों ने एसएसपी और बहादराबाद कोतवाली में शिकायत देकर आरोप लगाया है कि दो अन्य साझेदारों ने तय निवेश नहीं किया, बल्कि परियोजना को अपनी बताकर लोगों से प्लॉट बेचने के नाम पर अग्रिम धनराशि वसूल ली। इतना ही नहीं, साझेदारी फर्म के खाते में जमा धनराशि का दुरुपयोग करने और बाद में पांच गुना रकम नहीं देने पर जमीन को विवादित कराने तथा झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। पुलिस से मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की गई है। पुलिस के मुताबिक महेन्द्र सिंह सैनी निवासी भागीरथी कुंज, रुड़की और प्रीतम सिंह निवासी मकान संख्या-15, नेहरू नगर, बीएसएम इंटर कॉलेज के निकट फर्म गीता इन्फ्राटेक के साझेदार हैं। उन्होंने बताया कि ग्राम मूलदासपुर उर्फ माजरा और बढ़ेड़ी राजपूतान में करीब 35 बीघा भूमि पर आवासीय कॉलोनी विकसित करने के लिए एचआरडीए से नक्शा स्वीकृत कराया गया था। इसके बाद राजेश गुप्ता निवासी मंगोलपुरी, दिल्ली और क्षितिज अवस्थी निवासी अमरावती एन्कलेव, पंचकूला ने परियोजना में निवेश और विकास का प्रस्ताव दिया। दोनों के साथ संयुक्त विकास अनुबंध और बाद में संशोधित समझौता किया गया और उन्हें तपोवन ग्रीन हेबिटेट एलएलपी में साझेदार बनाया गया।

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