उत्तराखण्ड

दो वर्ष बाद लगेगा राजकीय मुडिया मेला, तैयारियों में जुटा प्रशासन

राजकीय मुडिय़ा पूर्णिमा मेला को भव्य व यादगार बनाने को प्रशासन ने की तैयारियों की समीक्षा बैठक

मथुरा

उत्तर भारत का सबसे बडा वार्षिक मेला दो साल बाद लगने जा रहा है। कोरोना के चलते मुडिया मेला दो साल तक आयोजित नहीं हो सका था। मेला की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कामों की लगातार समीक्षा की जा रही है। शनिवार को जिलाधिकारी ने अधीनस्थ विभागों के साथ बैठक कर प्रगति जानी। क्षेत्रीय विधायक मेघश्याम सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कई अधीनस्थ विभागों द्वारा तैयारियों पर माकूल जवाब न दे पाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। बता दें कि जुलाई माह में नौ से 14 जुलाई तक गोवर्धन में राजकीय गुरु पूर्णिमा मेला का भव्य आयोजन होगा। गोवर्धन के राधेश्याम सेवा सदन में आयोजित बैठक में विद्युत विभाग, लोक निर्माण विभाग, पंचायत राज विभाग, जल निगम, नगर पंचायत, पुलिस विभाग, विकास प्राधिकरण आदि की बैठक कर व्यवस्थाओं की प्रगति जानी। वहीं क्षेत्रीय विधायक मेघश्याम सिंह ने लोक निर्माण विभाग अधिकारी को मेला के दौरान दुर्घटना होने पर उनके नामजद रिपोर्ट दर्ज कराने की चेतावनी दे डाली। एसएसपी गौरव ग्रोवर ने परिक्रमा मार्ग से हट कर नियत स्थानों पर की भंडारो को अनुमति देने के निर्देश दिए। वहीं मानसी गंगा पर स्नान के लिए फव्वारे की व्यवस्था, वेरियर, वॉच टावर, अस्थाई चौकी व वेरिकेटिंग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए। बैठक में विधायक मेघश्याम सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर गौरव ग्रोवर, जिलाधिकारी नवनीत चहल, सी डी ओ नितिन गौड़, एडीएम प्रशासन जय शंकर दुबे, एडीएम वित्त योगानंद पांडे, विप्र ओएसडी कांति शेखर सिंह, पंचायत राज अधिकारी किरण चैधरी, एसडीएम डीग, नगर पंचायत अध्यक्ष खेमचंद शर्मा, अध्यक्ष राधाकुंड टिमटू, एसपी देहात श्रीष चंद्र, एसडीएम गोवर्धन संदीप वर्मा, सीओ गौरव त्रिपाठी, व्यापार मंडल तहसील अध्यक्ष गणेश पहलवान, फतेह सिंह ठाकुर, हरिओम शर्मा एडवोकेट, मंडल अध्यक्ष श्याम सुंदर उपाध्याय , परशुराम ठाकुर आदि उपस्थित रहे।
भाजपा कार्यकर्ता को भारी पड़ा आपा खोना
परिक्रमा मार्ग के गांव आन्योर में जल निगम द्वारा नाला निर्माण न होने पर गलत जानकारी देने पर गांव निवासी भाजपा कार्यकर्ता ठाकुर हरबान सिंह ने आपत्ति जताते हुए जल निगम के अधिकारी पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। कार्यकर्ता की आवेशित तेज आवाज पर एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर ने हरभान सिंह को आवाज नीचे रखने की बात करते हुए अधीनस्थ पुलिसकर्मियों से उनको ले जाने की बात कह डाली। क्षेत्रीय विधायक की उपस्थिति में भाजापा कार्यकर्ता की फजीहत पर सभी सन्न रह गए। ये बात चर्चा का विषय बनी रही।