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भारत बंद के समर्थन में सीटू ने जुलूस निकालकर  किया धरना प्रदर्शन 

विकासनग

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में सीटू ने सहसपुर, सेलाकुई और रामपुर में जुलूस निकालकर धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर सीटू ने केंद्र की मोदी सरकार को जनविरोधी करार देते हुए श्रम कानूनों को रद करने की मांग की। आरोप लगाया कि केंद्र सरकार श्रमिकों को गुलाम बनाने पर तुली है। उन्होंने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को बेचकर निजीकरण करने का विरोध किया। सीटू ने मांगों से संबंधित ज्ञापन राष्ट्रपति को प्रेषित किया।
सीटू ने सोमवार को सहसपुर बाजार से केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ और ट्रेड यूनियनों के भारत बंद के समर्थन में जुलूस निकाला। सीटू से जुड़ी यूनियन जुलूस प्रदर्शन करते हुए रामपुर, शंकरपुर होते हुए सेलाकुई पहुंचे। जहां मंडी चौक पर एक जनसभा आयोजित कर केंद्र सरकार पर हमला बोला। पूर्व जिलापंचायत अध्यक्ष शिवप्रसाद देवली ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा 29 श्रम कानूनों को रद कर चार श्रम संहिताएं बनाई गई है। कहा कि ये चार संहिताएं मजदूरों को गुलामी की ओर धकेलने का प्रयास किया जा रहा है। कहा कि केंद्र और राज्य सरकार सार्वजनिक संस्थानों का निजीकरण कर रही है। जिससे बेरोजगारों की फौज खड़ी हो रही है। किसान सभा के महामंत्री कमरूद्दीन ने कहा कि कि केंद्र की मोदी सरकार द्वारा आयुद्ध निर्माण कंपनियों का निगमीकरण कर दिया गया है। जिसके दुष्परिणाम के तहत श्रमिकों को बाहर कर दिया गया है। इसी प्रकार एफआरआई में भी एक सौ सात श्रमिकों को हटा कर नई भर्ती की जा रही है।आरोप लगाया कि यह सब मोदी सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों का ही परिणाम है। इस अवसर वक्ताओं ने भोजनमाता, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। सिडकुल में श्रमिकों का शोषण बंद करने, श्रम कानूनों के अनुरूप सुविधाएं देने, ई- रिक्शा चालकों का उत्पीड़न रोकने की मांग की। किसान सभा के उपाध्यक्ष सुन्दर थापा ने कहा कि केंद्र सरकार श्रम कानूनों को समाप्त कर मजदूरों के अधिकारों को समाप्त कर रही है। सार्वजनिक संस्थानों जिनमें बैंक, बीमा, एलआईसी, रेल, एयर इंडिया, पोस्टल सहित आयुध निर्माणी को निजी हाथों में बेचा जा रहा है। इस अवसर पर आगनबाड़ी यूनियन की महामंत्री चित्रा, नौजवान सभा के नेता जितेन्द्र गुप्ता, सुधा देवली, ई- रिक्शा रईस अहमद, ब्रह्मानन्द कोठारी, बल्लभ गैरोला, शिशुपाल नेगी, आशिक, सोनू गीता, सारिका, अंजना पाल, मनीष खड़का, सरवस्ती मुन्नी, सावित्री, सुनीता, परमिला, नीलम, राजू लोग मौजूद रहे।