उत्तराखण्डमुख्य समाचार

गन्ने की फसल को रोग से बचाने के टिप्स दिए

रुडकी। गन्ने की फसल में आया पोका बोइंग रोग के निरीक्षण को केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र देहरादून की टीम क्षेत्र में पहुंची। टीम ने फसलों को परखा और किसानों को फसल को रोग से बचाने के जरूरी टिप्स दिए। घाड़ क्षेत्र के कराहलटी, हकीमपुरतुर्रा, अकबरपुर कालसो, हाल्लुमजरा, हबीबपुर निवादा गांवों में देहरादून से कृषि विशेषज्ञों की टीम ने गन्ने की फसल का निरीक्षण किया। टीम ने हकीमपुरतुर्रा ‌गांव निवासी दीपक, कलालहटी निवासी सागर चौहान, करौंदी निवासी राज कुमार, हबीबपुर नवादा निवासी मलखान सिंह, अकबरपुर कालसो निवासी शोभाराम, हल्लूमजरा निवासी ऋषिपाल और धर्मपाल के गन्ने की फसल का निरीक्षण किया। जहां टीम को फसल में पोका बोइंग रोग होने की जानकारी मिली। वनस्पति संरक्षण अधिकारी कृष्ण कुमार ने किसानों से वार्ता कर बताया कि गन्ने की फसल में लगा पोका बोइंग रोग के लिए जरूरी उपाए करें। बचाव, रोकथाम और बुआई के लिए हमेशा स्वस्थ गन्ने की पोरी बीज का उपयोग करें। बुवाई से पहले स्यूडोमोनास या ट्राइकोडर्मा के साथ गन्ने की बुआई करने से लाभ होगा। गन्ने के खेत में पोका बोइंग रोग के संक्रमण और न फैले इसके लिए संक्रमित पौधे को वहां से हटाए। केंद्रीय कीटनाशक बोर्ड एवं पंजीकरण समिति की ओर से अनुमोदित रसायनों का ही प्रयोग फसलों में करें। टीम में नितिन कुमार सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी और दिव्या भट्ट सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी आदि शामिल रहे।