मांगों पर 10 दिन के भीतर विचार नहीं तो होगा व्यापक आंदोलनः जमुना प्रसाद
देहरादून (ईएमएस)। मास्टर प्लान संघर्ष समिति बद्रीनाथ धाम के अध्यक्ष जमुना प्रसाद रैवाणी ने कहा है कि उनकी मांगों पर यदि 10 दिन के भीतर विचार नहीं किया गया तो व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जायेगा। आज परेड ग्राउंड स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी पत्र लिखकर समस्याओं से अवगत करा चुके हैं लेकिन आज तक इस ओर किसी भी प्रकार कार्यवाही नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व प्रमुख सचिव भारत सरकार को भ्रमण के दौरान पत्र सौंपा गया और वहां से भी अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई। उनके हितों के साथ कुठाराघात किया जा रहा है जिसे सहन नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में जिन जमीनों का मुआवजा दिया जाये और सबसे अधिक बद्रीनाथ धाम में हुई रजिस्ट्री के मानक के आधार पर दिया जाये, बद्रीनाथ धाम में मन्दिर के चारों तरफ पंडा पुरोहितों के मकान अधिग्रहण किये जा रहे हैं या जमीन अधिग्रहण की जा रही है उनको जमीन के बदले दोगुनी जमीन, मकान के बदले दोगुना मकान दिया जाये। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम में पंडा पुरोहितो को जहां भी मकान तथा जमीन दी जाये वह तप्त कुण्ड से एक दम नजदीक हो तथा उनके मध्य में न ही किसी अन्य को मकान दिया जाये और न ही जमीन दी जाये। उन्होंने कहा कि बामणी से बद्रीनाथ धाम की मन्दिर की तरफ जो रास्ता है वह गावर कम्पनी की लापरवाही की वजह से धसता जा रहा है जिनमें कई मकान ध्वस्त हो चुके है व कुछ होने वाले है और वहीं आस्था के साथ छेडछाड किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनको तत्काल मुआवजा देकर उनकी रहने की उचित व्यवस्था की जाये, उन्होंने कहा कि इसके साथ ही साथ तुरन्त उनके मकानो को बनाने हेतु उचित कदम उठाये जाये। उन्होंने कहा कि सच्चा बाबा आश्रम से हरि निवास तक जितने भी मकान गावर कम्पनी की वजह से टूटने की कगार पर है उनका तत्काल प्रभाव से ट्रीटमेन्ट कराया जाये। उन्होंने कहा कि पंडा समाज के भवनों में रहने वाले पंडावृत्ति पर आश्रित परिवार जो इन मकानों पर एक किरायेदार की तरह रहते है उनको भी रहने की उचित व्यवस्था की जाये तथा उनको न्यूनतम दर पर भवनों व कमरों को दिया जाये। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे।
