उत्तराखण्ड

पेयजल शुल्क में सालाना वृद्धि का विरोध

ऋषिकेश

पेयजल शुल्क में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि को लेकर उत्तराखंड जन विकास मंच ने नाराजगी जताई है। उन्होंने पेयजल शुल्क में प्रतिवर्ष होने वाली 15 प्रतिशत की वृद्धि के नियम को खत्म करने की मांग की है। गुरुवार को उत्तराखंड जन विकास मंच ने शिवाजीनगर में बैठक आयोजित की। बैठक में मंच संयोजक आशुतोष शर्मा ने कहा कि जल शुल्क में प्रतिवर्ष 15 प्रतिशत की वृद्धि जनता पर अनावश्यक बोझ है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत सभी को नल से जल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में सरकार को यह 15 प्रतिशत बढ़ोत्तरी वाला नियम वापस लेना चाहिए। इसके लिए नगर के लोगों को जागरूक किया जाएगा। क्षेत्र के महंत धर्मदास महाराज ने कहा कि उत्तराखंड जल प्रदेश है। ऐसे में यहां लोगों को सबसे कम कीमत में पेयजल मिलना चाहिए। लेकिन इसके उलट सरकार पेयजल को महंगी दरों में दे रही है। मौके पर कुंवर सिंह,धर्मपाल सिंह, सुनील यादव, इन्दर, दिनेश कुमार, रजनीकांत, अमर, सागर तोमर, विक्रम सिंह, मोहित, सुनील कन्नौजिया, अशोक गुप्ता, दिग्विजय, पूनम, सैज देवी, श्याम, सुशीला, कृष्णा देवी, कविता, गायत्री देवी, मंजू मिश्रा, उषा गुप्ता, मोनी, सुनील जैन, कमल सिंह, दीवान सिंह, सुरेन्द्र, महिपाल सिंह, रमेश मिस्त्री, ओमवीर सिंह, नितिन, सूरज, राजीव, हरी सिंह, करन सिंह, अमर सिंह, राजवीर सिंह, महेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे।