उत्तराखण्ड

शहीद हवलदार मातादीन का शहीदी दिवस मनाया गया 

रुड़की

1857 की क्रान्ति में अंग्रेजी हुकूमत नींव हिलाने वाले अमर शहीद हवलदार मातादीन वाल्मीकी का शहीदी दिवस मनाया गया।  मंगलवार को हुए कार्यक्रम में पहुंचे समाजसेवी सुखमेंद्र वाल्मीकी ने कहा कि देश में अंग्रेजी हुकूमत ने हवलदार मातादीन को फांसी पर लटकाया था। हवलदार मातादीन के परिवार को उनकी शहादत के बाद जिला बदर कर दिया गया था। अधिकांश लोग हवलदार मातादीन की शहादत से अनभिज्ञ हैं। शासन प्रशासन से मांग की गई कि ऐसी महान विभूति को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक स्मारक बनाया जाए। समाजसेवी रवि चौटाला ने कहा कि उत्तराखंड के पाठ्यक्रम में हवलदार मातादीन वाल्मीकि की शहादत व जीवनी का वर्णन किया जाए। जिससे युवाओं और आने वाली पीढ़ी को देश के अमर शहीदों के इतिहास की जानकारी मिल सके। इस अवसर पर अम्बेडकर जेंडर इक्वलिटी क्लब रुड़की की तहसील अध्यक्ष रचना कुमारी ने कहा कि खासकर महिलाओं को अपने महापुरुषों के विषय में जानकारी होनी चाहिए। ताकि वे अपने बच्चों को इससे अवगत करा सकें। मौके पर रवि टांक, अक्षय बेनीवाल, नैन सिंह फौजी, नीता, पूजा बिरला, रवि कुमार, रीटा, धर्मवीर, संतोष , बिजनेश आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सफाई कर्मचारी आंदोलन रुड़की के तहसील अध्यक्ष राजनीश बिरला ने किया।