उत्तराखण्ड

सस्ते गल्ले की दुकानों के खुलने का दिन व समय तय हों

रुडक़ी। सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर कोरोना के बावजूद भीड़ की स्थिति सुधर नहीं रही है। वजह यह है कि डीलर महीने में मुश्किल से चार या पांच दिन ही दुकानें खोल रहे हैं। जिसके चलते राशन लेने के लिए लोगों में आपाधापी मच रही है। विभाग दुकानें खुलने का भी रोस्टर जारी करने की बात कह रहा है। कोरोना कर्फ्यू लगने के बाद से सरकार अंत्योदय योजना के कार्डधारकों को सामान्य तौर पर मिलने वाले राशन के अलावा निशुल्क राशन भी दे रही है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना व राज्य खाद्य योजना के कार्ड पर भी अतिरिक्त राशन दिया जा रहा है। सालों के बाद अब पिछले महीने से चीनी का भी वितरण शुरू किया गया है। कई तरह का राशन एक साथ मिलने के कारण नगर व देहात में राशन की दुकानों पर रोज सुबह से ही लोगों की लंबी लाइन लग रही है। ग्रामीण अकरम अली, नसीम अहमद, जितेंद्र सिंह, कालूराम ने बताया कि पहले दुकानों पर पुलिसकर्मी आकर लाइन लगवाते थे। पर अब कहीं कोई व्यवस्था नहीं है। उपभोक्ता संतोष शर्मा, सुबलेश पंवार, अंजलि देवी ने बताया कि राशन डीलर जिस दिन एसएमआई गोदाम से राशन उठाते हैं, उसके बाद महज तीन से चार दिन ही दुकान खोलते हैं। इन तीन-चार दिन में हजारों लोगों को राशन लेना होता है। इसलिए भीड़ लग रही है। सुरेश कुमार, दीपक, विनय कुमार का कहना है कि राशन की दुकानों के खुलने के दिन व समय तय होने चाहिए। इस बाबत एआरओ एमएस रावत का कहना है कि डीलरों को रोस्टर से राशन दिया जा रहा है। दुकानें खोलने का भी रोस्टर तय किया जाएगा। पर लोग भी एक ही दिन राशन लेने पहुंच रहे हैं।