पटौदी और मरियम से बढ़ेगी गोरखपुर की शान – सपाइयों को कर रही यह बात परेशान
गोरखपुर…….
प्रदेश के इटावा लायन सफारी के दो शेर सीएम योगी आदित्यनाथ के गृहक्षेत्र गोरखपुर भेजे जा रहे हैं. दोनों शेर पटौदी और मरियम गोरखपुर में निर्माणाधीन अशफाक उल्ला प्राणी उद्यान की शान बनने वाले हैं. लेकिन समाजवादी पार्टी को यह मंजूर नहीं है. प्रदेश सरकार के इस फैसले पर सपा आपत्ति जता रही है. बात सुनने में थोड़ी अटपटी लग रही है, लेकिन सच है. आइए जानते हैं क्या है मामला…
दरअसल, इटावा के सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने बीते शुक्रवार प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि इटावा लायन सफारी पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का प्रोजेक्ट है, इसलिए योगी सरकार इससे खोलना नहीं चाहती. और अब सीएम योगी इटावा से शेरों को अपने गृह जनपद गोरखपुर ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर इटावा की सफारी नहीं खोली जाती है तो समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता आंदोलन करेंगे।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष का कहना है कि सपा के कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते थे, इसलिए उनके निर्देश पर इटावा में लायन सफारी का निर्माण किया गया था. उनकी बस एक मंशा थी कि इटावा को टूरिज्म स्पॉट की तरह डेवलप किया जाए. गोपाल यादव ने कहा है कि सीएम योगी की सरकार इस बात से चिंतित है कि कहीं लायन सफारी खोल दी तो पर्यटक वहां आकर समाजवादी पार्टी के काम की तारीफ न कर दें. इसलिए इसे आम लोगों के लिए खोला ही नहीं गया।
गोपाल यादव यहीं नहीं रुके. उन्होंने दोनों शेरों पटौदी और मरियम को गोरखपुर ले जाने के सरकार के फैसले को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि सीएम योगी इटावा के शेरों को अपने गृह जनपद ले जाना चाहते हैं. यह कतई जायज नहीं है और अगर ऐसा हुआ तो सपाई इसका विरोध करेंगे।
वहीं, इटावा सफारी पार्क के निदेशक राजीव मिश्रा ने बताया कि लायन सफारी में 18 महीने का वक्त गुजारने के बाद पटौदी और मरियम की जोड़ी को गोरखपुर भेजा जा रहा है. वह गोरखपुर चिड़ियाघर के लिए ही यहां लाए गए थे. दोनों को सकुशल पहुंचाने के लिए एक डॉक्टर, फॉरेस्ट गार्ड और दो कीपर साथ भेजे जाएंगे. शनिवार शाम 4.00 से 5.00 बजे के बीच में उन्हें गोरखपुर के लिए रवाना किया जाएगा।
