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गढ़. विवि से संबद्ध महाविद्यालयों में सरकार की गलत नीति के कारण नहीं हो रहे प्रवेशः उक्रांद

देहरादून

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय उपाध्यक्ष बहादुर सिंह रावत ने कहा है कि जहां एक और उत्तराखंड राज्य के प्राइवेट विश्वविद्यालयों में धड़ल्ले से दाखिले हो रहे हैं, वहीं गढ़वाल विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में सरकार की गलत नीति के कारण प्रवेश नहीं हो पा रहे है जिसके कारण वह महाविद्यालय खाली पड़े हुए है। आज दल के केन्द्रीय कार्यालय कचहरी रोड में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जैसे डीएवी महावि़द्यालय, डीबीएस महाविद्यालय, एमपीजी कॉलेज मसूरी ,एसजीआरआर महाविद्यालय, एमकेपी महाविद्यालय, राठ महाविद्यालय पौड़ी जैसे अनेकों महाविद्यालय हैं जो सरकार की गलत नीतियों के कारण खाली पड़े हुए हैं। इन महाविद्यालयों में यूजीसी द्वारा जो प्रवेश परीक्षा सीयूईटी कराई गई थी उसकी जानकारी के अभाव में 70 प्रतिशत छात्र छात्राएं यह परीक्षा दे ही नहीं पाए है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से इन कॉलेजों में 25 प्रतिशत भी एडमिशन नहीं हो पाए हैं और यह सभी विश्वविद्यालय उत्तराखंड के सबसे पुराने विश्वविद्यालय हैं और यहां पर फीस भी प्राइवेट कॉलेजों के मुकाबले नगण्य है स सरकार की इस गलत नीति की वजह से उत्तराखंड के छात्र-छात्राएं अपने को बहुत ही ठगा महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिनके पास तो पैसा है वह छात्र छात्रायें तो प्राइवेट विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं किंतु जिनके पास पैसा नहीं है और वह वह इन महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से पूर्व में मेरिट के आधार पर दाखिले हुआ करते थे उसी प्रकार से अब भी विश्वविद्यालयों में दाखिले कराए जाएंग और अन्यथा दल इस प्रकार की जन विरोधी नीतियों का पुरजोर विरोध करेगा और सड़कों पर उतरेगा। इस अवसर पर दल के केंद्रीय युवा अध्यक्ष राजेंद्र बिष्ट ने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले उसके विषय में सोच विचार करके ही उसको लागू किया जाना चाहिए क्योंकि शिक्षा का अधिकार हमारा मौलिक अधिकार है और उससे छात्र-छात्राएं अगर वंचित रह जाए तो यह सरासर अधिकारों का हनन होगा। इस अवसर पर अनेक पदाधिकारी उपस्थित थे।