नदी में दवाइयां फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
विकासनगर। स्वारना नदी किनारे बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाइयां बिखरी पड़ी हैं, जो पशुओं और इंसानों के लिए घातक हो सकती हैं। सभी दवाइयों के रेपर निकाल कर गोलियां और कैप्सूल का ढेर लगा है। यहां नदी किनारे पालतू और लावारिस पशु घूमते रहते हैं। इसके साथ ही स्थानीय बस्ती के बच्चे भी खेलते रहते हैं। सहसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने तहसील प्रशासन से संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। स्वारना नदी का पानी आसन में मिलता है, जो आसन झील तक पहुंचता है। दवाइयां पानी में घुलने से पानी प्रदूषित हो जाएगा। इससे आसन झील की मछलियों के साथ ही यहां डेरा डाले परिंदों का जीवन भी खतरे में पड़ जाएगा। सहसपुर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमित पंवार ने कहा कि स्वारना किनारे झुग्गी बस्ती है। इस बस्ती के नौनिहाल नदी किनारे खेलते रहते हैं, ऐसे में नौनिहालों के दवाई खाने का खतरा भी बना हुआ है। कहा कि आसन नदी पछुवादून की जीवनदायिनी नदी है, इसका पानी प्रदूषित होने से यहां के लोगों के स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ने का खतरा बना हुआ है। आरोप लगाया कि फार्मासिटी से बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाइयां नदी में डाली जाती हैं। उन्होंने तहसील प्रशासन से नदी में दवाइयां फेंकने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उधर, एसडीएम विनोद कुमार ने बताया कि सिडकुल प्रबंधन को इस संबंध में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे। साथ ही दवाई नदी में फेंकने वाली औद्योगिक इकाइयों और अन्य संस्थानों को चिह्नीत कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
