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दिवंगत जगदीश एवं उसकी पत्नी गीता को न्याय दिलाने के लिए डीजीपी से की मुलाकात

देहरादून

उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, उत्तराखंड महिला मंच ने सल्ट अल्मोड़ा के जगदीश हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने, दिवंगत जगदीश एवं उसकी पत्नी गीता को न्याय दिलाने, अल्मोड़ा पुलिस प्रशासन द्वारा नव दंपति को समय पर सुरक्षा न देने के मामले में अल्मोड़ा पुलिस प्रशासन की संदिग्ध भूमिका की जांच की मांग को लेकर आज पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार से उनके कार्यालय में मुलाकात की और घटना से अवगत कराते हुए उन्हें मांग पत्र सौंपा। इस अवसर पर उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रभात ध्यानी एवं महिला मंच उत्तराखंड की प्रदेश संयोजिका कमला पंत के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी उत्तराखंड अशोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें घटना से अवगत कराया तथा अल्मोड़ा पुलिस की भूमिका की जांच की मांग करते हुए उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड अशोक कुमार ने डीआईजी कुमाऊं से फोन पर पूरी जानकारी लेते हुए उन्हें आवश्यक निर्देश दिए। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार को बताया कि जातिवादी मानसिकता से ग्रसित लोगों द्वारा एक सितंबर 2022 को उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के नेता जगदीश चंद्र की निर्मम हत्या कर दी गयी थी। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि जगदीश चंद्र का कसूर यह था कि वह भिकियासैंण अल्मोड़ा की गुड्डी उर्फ गीता जो सवर्ण जाति से है, जगदीश चंद्र से प्यार करती थी और दोनों ने जातिगत बंधनों को तोड़ते हुए 21 अगस्त को मंदिर में शादी कर ली थी। प्रतिनिधि मंडल ने बताया कि जातिवादी मानसिकता से ग्रसित उसकी मां, सौतेले बाप-भाई के साथ-साथ मनुवादी लोगों को इनकी शादी करना इतना नागवार लगा कि उनकी जान के दुश्मन बन गए। नव दंपति ने अपनी जान की सुरक्षा के लिए अल्मोड़ा प्रशासन से 17 अगस्त व 27 अगस्त को गुहार लगाई, उनसे मिले, लेकिन अल्मोड़ा प्रशासन ने उनकी बात का, पत्र का संज्ञान नहीं लिया। जगदीश चंद्र एवं गीता के जान के दुश्मन बने गुड्डी उर्फ गीता की मां, सौतेले बाप-भाई ने एक सितंबर को जगदीश चंद्र की निर्मम हत्या कर दी थी। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक को ज्ञापन देते हुए मांग की है कि दिवंगत जगदीश चंद्र की हत्या एवं साजिश में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पुलिस, न्यायालय से रिमांड लेकर हत्या एवं साजिश में शामिल सभी आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करें। इस घटना के एकमात्र चश्मदीद गवाह के जान माल की पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था की जाए।