श्रीरामचरित मानस सुनने से मनुष्य का हृदय होता है शुद्ध
रुडकी
गायत्री शक्तिपीठ में विगत पांच जून से चल रही राम कथा के सातवें दिन गुजरात के कथा व्यास हरीश ने श्रीरामचरित मानस के उत्तरकांड की बड़ी ही सुंदर, सहज, सरल और मार्मिक चर्चा की। उन्होंने भगवान की कथा भजन और नाम जप को मनुष्य के लिए आवश्यक बताते हुए कहा कि इन साधनों के द्वारा मनुष्य का हृदय शुद्ध होता है और बुद्धि के भ्रम दूर होते हैं। मनुष्य की लगन भगवान में लगती है और उसका जीवन सुख शांति को प्राप्त करता हुआ जीवन के उच्चतम लक्ष्य को प्राप्त करता है। इसलिए हमें अपने जीवन में नित्य सत्संग की व्यवस्था बनानी चाहिए। सत्संग हमें विवेकपूर्ण, भक्तिमय जीवन जीने की ओर अग्रसर करता है। शक्तिपीठ पुरोहित दीपक भारद्वाज ने कहा कि राम भारत की सनातन धर्म संस्कृति के प्राण हैं। उनके चरित्र के गुणगान से मनुष्य के अंदर सद्गुणों का विकास होता है। जीवन में राम नाम से सुख, समृद्धि की वृद्धि होती है। कार्यक्रम में यशोधन शाह, प्रदोष सिंघल, सतीश कुमार वैश्य, अरुण शर्मा, राकेश शर्मा, सुभलेस शर्मा, मीनू सिंघल, अंजना बिष्ट और विनायक भारद्वाज आदि मौजूद रहे।
