उत्तर प्रदेश

 लोनिवि विभागाध्यक्ष के रवैये के विरूद्ध डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ मुखर

संघ ने बुलाई आपात प्रान्तीय बैठक, शताब्दी मना रहा संघ करेगा आन्दोलन

लखनऊ

डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, लोक निर्माण विभाग ने 24 जनवरी 2022 को शताब्दी वर्ष में प्रवेश किया है । इस संगठन के प्रति विभागाध्यक्ष लोक निर्माण विभाग के तानाशाही रवैये एवं संगठन में तोडफ़ोड़ की रणनीति से संघ के सदस्य और पदाधिकारी आहत है। दो संघ की सदस्यता वखऱ्ास्त अवर अभियंताओं को भडक़ाकर संघ का दो फाड़ कराने का कुचक्र रचे जाने के खिलाफ और इसमें विभागाध्यक्ष इं. मनोज कुमार गुप्ता के तानाशाही भरे रवैये से नाराज संघ ने प्रान्तीय पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। खास बॉत यह कि इस बैठक में सभी जनपदों के पदाधिकारियों एवं मंडलो के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। इस बैठक में संगठन के खिलाफ चलाए गए षंडय़त्र पर विस्तार से चर्चा के उपरान्त इसके लिए जिम्मेदारों के खिलाफ वृहद आन्दोलन का निर्णय लिया जाएगा। संघ के प्रदेश अध्यक्ष इं. एन. डी. द्विवेदी ने कहा कि सौ वर्ष सम्मानजनक भूमिका निभाने वाले संघ जिसे वर्ष 2013 में आईएसओ 9001रू2008 एवं वर्ष 2022 में आईएसओ 9001रू2015 प्रमाण पत्र मिल चुका है ,उसकी शाख पर कतिपय संघ विरोधी अभियंताओं की कठपुतली बने लोगों को कुठाराघात करने का मौका नही दिया जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष श्री द्विवेदी ने बताया कि संघ का इतिहास रहा है कि संघ ने संवर्गीय एवं विभागीय समस्याओं और विभागीय सम्मान के लिए पत्राचार, गांधीवादी तरीके से आन्दोलन, संगोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम की श्रृखंला बनाई। डिप्लोमा इंजीनियर्स के विभागीय स्तर और शासन स्तर पर किए जाने वाले पत्राचार इसके प्रमाण है। संघ ने कर्मचारी संगठनों के बीच एक अलग मुकाम बनाया है। समय समय पर डिप्लोमा इंजीनियर्स के वृहद आयोजनों में तत्कालीन महामहिम राज्यपाल, कबीना मंत्री से लेकर मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव, विभागाध्यक्ष अपनी गरिमामयी उपस्थिति देकर संघ के आयोजनों की सराहना कर चुके है। मुख्य सचिव कार्मिकों की समस्याओं के लिए लगातार विभागाध्यक्ष को शासनादेश के माध्यम से निर्देशित कर रहे है लेकिन विभागाध्यक्ष इं. मनोज कुमार गुप्ता अपने तानाशाही रवैये के चलते कार्मिकों की समस्याओं को निपटाने की जगह संघ में तोडफ़ोड़ की राजनीति को हवा दे रहे हैै। विभाग के मुखिया के इस रवैये की संघ घोर भत्र्सना करता है। यही नही मुख्य सचिव स्तर पर स्पष्ट निर्देश होने के बावजूद विभागाध्यक्ष संघ के पदाधिकारियों या उनके प्रतिनिधि मण्डल से मिलना पसंद नही करते। संघ द्वारा माननीय मुख्यमंत्री और विभागीय मंत्री की इच्छा अनुसार मुख्यालय स्तर पर भ्रष्टाचार से मुक्ति के लिए ऑनलाइन स्टीमेट की मांग लगातार की जा रही है लेकिन विभागाध्यक्ष कुछ सुनने को तैयार नही हैै। कतिपय अव्यहारिक आदेश विभागाध्यक्ष द्वारा किये जाने पर संघ द्वारा विरोध करने पर विभागाध्यक्ष कुण्ठाग्रस्त होकर तानाशाही पर उतारू हो चुके है। यही नही उ.प्र. इंजीनियर्स एसोसिएशन के सदस्य विभागाध्यक्ष ने एसोसिएशन के सेवानिवृत्त तथा कतिपय अन्य सदस्यों के कहने पर डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ की मान्यता समाप्त करने वाला धमकी भरा पत्र अपने स्टाफ अफसर से जारी कराया है। इस पत्र के जारी होने के बाद डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के सदस्यों में व्यापक स्तर पर आक्रोश है। उक्त पत्र जारी होने के उपरान्त तनावभरी स्थिति को सुधारने के लिए संघ ने 6 जून को राजधानी में संघ के प्रान्तीय पदाधिकारियों एवं जनपदीय पदाधिकारियों की वृहद बैठक संघ की अस्मिता बचाने के लिए बुलाई हैै।