उत्तर प्रदेश

बेलगाम मंहगाई व बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ वामदलों का जबरदस्त विरोध प्रदर्शन

लखनऊ

मंहगाई और बेरोजगारी के खिलाफ वामदलों के राष्ट्रव्यापी आवाहन पर वामपंथी कार्यकत्र्ताओं ने जबर्दस्त विरोध प्रर्दशन के बाद राष्ट्रपति को सम्बोधित 09 सूत्रीय मांगपत्र का ज्ञापन थाना प्रभारी कैसरबाग को सौंपा। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत मंगलवार को वामदलों के सैकड़ों कार्यकर्ता परिवर्तन चौक पर बड़ी संख्या में झंडा, बैनर लेकर बेलगाम मंहगाई व बढ़ती बेरोजगारी के खिलाफ नारे लिखे प्लेकार्ड दिखाये। भाकपा (माले) के जिला प्रभारी कामरेड रमेश सिंह सेंगर, सीपीएम की जिला सचिव मधु गर्ग , सीपीआई के नेता अकरम और फारवर्ड ब्लॉक के उदयनाथ सिंह के नेतृत्व में मंहगाई के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्यकत्र्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय की ओर मार्च शुरू कर दिया जिस पर पुलिस ने वहीं पर  रोक कर ज्ञापन लेना चाहा लेकिन प्रदर्शनकारी इस पर आपत्ति करते हुए आगे बढ़ गये और बी एसएनएल चौराहा तक मंहगाई और बेरोजगारी के खिलाफ विरोध प्रर्दशन करते हुए जमकर नारेबाजी की। इसके बाद राष्ट्रपति को सम्बोधित 09 सूत्रीय मांग पत्र थानाध्यक्ष कैसरबाग को सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि मंहगाई पर नियंत्रण करने के लिए पेट्रोलियम पदार्थों को सभी तरह के करों से मुक्त किया जाए, महिलाओं को पुराने मूल्य पर गैस दी जाएं,सभी नागरिकों को राशनकार्ड दिए जाएं तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गेहूं की कटौती पर रोक लगाई जाए व दाल,तेल,नमक समेत सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित किया जाए।सभी गैर आयकर दाताओं को 7500 प्रति माह पेंशन की गारंटी की जाए।, मनरेगा में वर्ष भर काम और 700 मजदूरी दिया जाए ।सभी बेरोजगारों को बेकारी भत्ता दिया जाए और शहरी मजदूरों के रोजगार के लिए रोजगार गारंटी कानून बनाया जाए।सभी रिक्त पदों पर अविलम्ब भर्ती किया जाए। साम्प्रदायिक भाई चारा बनाए  रखने के लिए सभी धार्मिक स्थलों की यथास्थिति बनाए रखने के लिए 1991 में बनाए गए कानून पर सख्ती सेअमल करने की मांग की गई तथा शहर में ई- रिक्शा चालकों के उत्पीडऩ पर रोक लगाने और उनके लिए रूट तय करने की मांग की गई।
इसके पूर्व सभा को सम्बोधित करते हुए वामदलों के नेताओं ने मंहगाई और बेरोजगारी के खिलाफ केन्द्र सरकार की तीखी आलोचना करते हुए कहा कि मोदी सरकार की नीतियों के चलते देश बर्बादी की ओर जारहा है। बेलगाम बढ़ती मंहगाई और बेरोजगारी की दोहरी मार ने देश की जनता की कमर तोड़ दी है। नेताओं ने कहा कि मोदी सरकार मंहगाई कम करने और रोजगार के अवसर श्रजित करने की बजाय देश को कारपोरेट्स को बेच देने में लगी है। नेताओं ने कहा कि अगर समय रहते मोदी सरकार अपना कारपोरेट परस्त रवैया नहीं बदलती तो भारत में भी श्रीलंका जैसे हालात पैदा हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए साम्प्रदायिक विभाजन की राजनीति को हवा दे रही है और विरोध की हर आवाज का गला घोंटा जा रहा है  इतना ही नहीं देश में अघोषित आपातकाल जैसे हालात पैदा किए जा रहे हैं। वाम नेताओं ने कार्यकर्ताओं से इस फासिस्ट निज़ाम को नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी ताकत से संघर्ष करने की अपील की।सभा में उक्त नेताओं के अलावा माले की राज्य कमेटी के सदस्य राधेश्याम मौर्य, सीपीएम के नेता प्रवीण सिंह, सीपीआई की नेता आशा मिश्रा,ने भी सम्बोधित किया। विरोध प्रर्दशन में माले के राजीव गुप्ता, कुमार मधुसूदन मगन, कमला गौतम, रामसेवक रावत, रमेश चन्द्र शर्मा, सतीश राव, ओमप्रकाश राज,का रमेश गौतम, मो कलीम खान सीपीएम, छोटेलाल पाल, के.के चतुर्वेदी, सुमन, सीपीआई के चन्द्र शेखर,आदि प्रमुख लोग शामिल रहे।