उद्योगों में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को देंगे: चैंपियन
रुडकी। सरकार ने खानपुर में रुकी पड़ी सिडकुल स्थापना की प्रक्रिया दोबारा से शुरू कर दी है। सिडकुल बनने से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। क्षेत्रीय विधायक चैंपियन ने इसे अपना ड्रीम प्रोजेक्ट बताते हुए यहां लगने वाले उद्योगों में 75 फीसदी नौकरियां स्थानीय लोगों को दिलाने का दावा कर रहे हैं। सरकार ने करीब 4 साल पहले औद्योगिक संस्थाओं के लिए इन्वेस्टर मीट आयोजित की थी। इसमें 200 से अधिक उद्योगपतियों ने सूबे में अपनी इकाइयां लगाने को सहमति दी थी। सरकार इसके लिए जगह तलाश कर रही थी। इसी दौरान खानपुर के भाजपा विधायक कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन ने गोवर्धनपर पंचायत के राजपुरा में खाली पड़ी जमीन पर सिडकुल लगवाने का प्रस्ताव सरकार को दिया था। सरकार ने विचार कर इसे फाइनल कर दिया था। लेकिन बाद में उक्त जमीन पर जलभराव की शिकायत मिलने पर सरकार ने आइडिया ड्रॉप कर दिया था। पर विधायक चैंपियन लगातार शासन और प्रशासन में पैरवी करते रहे। इस पर सरकार ने आईआईटी रुडक़ी की एक टीम बनाकर उसे क्षेत्र की मिट्टी की तकनीकी जांच कराई थी। जांच में वहां की मिट्टी औद्योगीकरण के लिए उपयुक्त पाई गई थी। टीम की रिपोर्ट शासन में पहुंची तो, कोरोना की दूसरी लहर शुरू हो गई। लिहाजा योजना फिर लटक गई। उधर खानपुर विधायक ने मुख्यमंत्री के अलावा सिडकुल के अधिकारियों से मिलकर योजना को तत्काल कार्यान्वित करने की मांग की थी। विधायक की लगातार मांग के बाद सरकार ने आखिरकार सिडकुल की स्थापना को हरी झंडी दे दी है। फिलहाल तहसील प्रशासन राजपुरा मजरे के अलावा आसपास के गांव प्रहलादपुर, मदारपुर और शाहपुर में भी सरकारी जमीन को चिन्हित कर रहा है। क्षेत्र में सिडकुल की स्थापना से स्थानीय लोग खुश हैं। मनोज खटाना, अश्वनी शर्मा, राजकुमार, रवि महेश आदि का कहना है कि क्षेत्र में फैक्ट्रियां आएंगी तो हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा। उधर, खानपुर विधायक चैंपियन का कहना है कि सिडकुल उनका ड्रीम प्रोजेक्ट है। वे तीन साल से लगातार इसके लिए काम कर रहे हैं। अब स्थापना का प्रस्ताव फाइनल हो गया है। उन्होंने दावा किया कि खानपुर सिडकुल में जो इकाइयां लगेंगी, उसमें तीन चौथाई लोग स्थानीय रखे जाएंगे।
