इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी
जकार्ता
इंडोनेशिया के माउंट सिनबंग ज्वालामुखी में मंगलवार को एक के बाद एक 13 विस्फोट हुए। इसमें पहला बड़ा विस्फोट अगस्त 2020 में हुआ था। हालांकि इस ज्वालामुखी में हुए इन विस्फोट में किसी के भी हताहत होने की कोई खबर नहीं है। स्थानीय आपदा प्रबंधन अफसरों के अनुसार मंगलवार को माउंट सिनबंग में हुए विस्फोट के बाद आसमान में कई किलोमीटर तक ऊपर धुएं और राख का गुबार छा गया था।
सेंटर फॉर वोल्कैनोलॉजी एंड जियोलॉजिकल हजार्ड मिटिगेशन (पीवीएमबीजी) के अनुसार उत्तरी सुमात्रा प्रांत में स्थित माउंट सिनबंग करीब 2460 मीटर ऊंचा है। यह 400 साल तक शांत रहने के बाद 2010 में सक्रिय हुआ था। 2013 में इसमें विस्फोट होने शुरू हुए थे। वेदर नेटवर्क के मौसम विज्ञानी टायलर हैमिल्टन ने माउंट सिनबंग के विस्फोट की आवृत्ति का कारण इसके रिंग ऑफ फायर पर होना बताया है। रिंग ऑफ फायर प्रशांत महासागर एक क्षेत्र है, जहां भूकंपीय गतिविधि होती हैं। आसपास रहने वाले लोगों को डेंजर जोन के बारे में स्पष्ट रूप से बता दिया गया है। लोगों से कहा गया है कि एहतियात के तौर पर धुएं से सुरक्षा के लिए मास्क पहनकर रखें। बहने वाले लावा को भी लेकर सतर्क रहें। पीवीएमबीजी ने कहा है कि माउंट सिनबंग अभी भी लेवल 3 अलर्ट पर है। इससे पहले 2014 में हुए ज्वालामुखी विस्फोट में 16 लोगों की मौत हुई थी। ऐसा विस्फोट के बाद आसपास के गांवों के ऊपर राख का गुबार छाने से हुआ था। इंडोनेशिया करीब 17000 द्वीपों से मिलकर बना है। इसमें कुल 130 सक्रिय ज्वालामुखी हैं।
