अंकिता भंडारी हत्याकांड में शामिल वीआईपी के नाम को जनता के समक्ष लाया जाएः लालचंद
देहरादून
उत्तराखंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर देहरादून महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष लालचंद शर्मा ने कई सवाल पूछे हैं। यहां एक बयान में उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर प्रदेश भर में लोग आंदोलनरत हैं। उन्होंने कहा कि इस हत्याकांड के पीछे एक वीआइपी का नाम भी सामने आ रहा है। पीएम मोदी से प्रदेश की जनता की मांग है कि उस वीआइपी के नाम को जनता के समक्ष लाया जाए और दोषी को कड़ी सजा दिलाने की घोषणा करें। इसी तरह सरकारी विभागों में नौकरी घोटाले को लेकर बड़ी मछलियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दें। इस अवसर पर लालचंद शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ड्रेस पर भी सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी केदारनाथ में जिस पोशाक को पहनकर पूजा करते नजर आए वह हिमाचल प्रदेश के चंबा की महिला द्वारा हाथों से तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह की ड्रेस पहन सकता है, और यह उसका अधिकार है, लेकिन पीएम मोदी की ड्रेस में स्वास्तिक का निशान पीठ पर बनाना, हमारे धार्मिक चिह्नों का मजाक है। हर शुभ कार्य में सबसे पहले स्वास्तिक का निशान बनाया जाता है। इसे पीठ पर कोई नहीं बनाता। उन्होंने कहा कि यदि अच्छा होता कि उनके कुर्ते में आगे की तरफ यह निशान होता लेकिन ऐसा नहीं था। उन्होंने कहा कि क्यों गिर रहा है भारतीय रुपया के बारे में लालचंद शर्मा ने कहा कि पीएम मोदी को देश की जनता को बताना चाहिए कि आखिरकार भारतीय रुपया लगातार क्यों गिर रहा है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कल रुपया 83.08 पर पहुंच गया था। यह अब तक का सबसे निचला स्तर है। गिरता रुपया हमारी इकोनॉमी के लिये काफी खतरनाक साबित हो सकता हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देश को बताना चाहिए कि आखिरकार वह देश की आर्थिक स्थिति में सुधार की दिशा में क्या कदम उठा रहे हैं। इस अवसर पर लालंचद शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री को देश को बताना चाहिए कि हमारे देश में विदेशी मुद्रा भंडार लगातार क्यों कम हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज आरबीआई की ओर से जारी किए गए डाटा के मुताबिक 30 सितंबर को समाप्त होने वाले सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार गिरकर 532.66 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। यह जुलाई 2020 के बाद विदेशी मुद्रा भंडार सबसे न्यूनतम स्तर है।
