उत्तराखण्ड

अस्पताल के निजीकरण के खिलाफ यूकेडी कार्यकर्ताओं का आमरण अनशन शुरू

ऋषिकेश।   सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोईवाला का अनुबंध निरस्त करने की मांग ने जोर पकड़ लिया है। मांग को लेकर बीते 10 दिनों से धरने पर बैठे यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से वापस नहीं लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।
डोईवाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के समक्ष यूकेडी कार्यकर्ताओं ने आमरन अनशन शुरू किया। यूकेडी के केंद्रीय सचिव केंद्रपाल सिंह तोपवाल आमरण अनशन पर बैठे। उन्होंने कहा कि बीते 10 दिनों से धरना और छह दिनों से अनशन चल रहा है, लेकिन सरकार का कोई भी प्रतिनिधि अभी तक आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचा है। ऐसे में मजबूरन आमरण अनशन शुरू करना पड़ा है। अनशन स्थल पर पहुंचे यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों ने ही प्रदेशवासियों को लूटा और ठगा है। डोईवाला में एकमात्र स्वास्थ्य केंद्र में उचित व्यवस्थाएं नहीं है। यहां स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड पर देकर एक संस्था को लाभ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। क्षेत्र की जनता स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिलने से परेशान है। कहा कि जल्द ही राज्य में सभी अस्पतालों को पीपीपी मोड से तत्काल वापस लेने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन छेड़ा जाएगा। विधानसभा प्रभारी शिव प्रसाद सेमवाल ने कहा कि यदि सरकार ने आमरण अनशन का भी ध्यान नहीं दिया तो यूकेडी कार्यकर्ता आत्मदाह जैसा घातक कदम उठाएंगे। जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।धरने में मोहन सिंह असवाल, जिला संगठन मंत्री दिनेश सेमवाल, अवतार सिंह बिष्ट, मीना थपलियाल, पुष्पा जखमोला, जोत सिंह गुसाईं, धर्मवीर सिंह गुसाईं, जगबीर सकलानी, मोहन सिंह गोसाईं, गजेंद्र सिंह पुंडीर, राकेश सिंह रावत, सुरेन्द्र सिंह चौहान, रामेश्वर पांडेय, सुनीता देवी, गजेंद्र राणा, अरविंद राणा, प्रशांत भट्ट, दीपक नेगी, शशिधर वेदवाल, भरत सरोला, पिंकी थपलियाल, सुनीता देवी आदि उपस्थित थे।