उत्तराखण्ड

गन्ना समिति गोदाम पर डीएपी के लिए उमड़े किसान

 

रुड़की। गन्ना समिति के मेन गोदाम और देहात में समिति के सभी 13 उप गोदामों पर एक माह बाद डीएपी खाद उपलब्ध होने पर सुबह के किसानों की भीड़ लगी रही। इन गोदामों पर यूरिया पहले से मौजूद थी। हरिद्वार में सबसे ज्यादा खेती गन्ने की होती है। मार्च से क्षेत्र में गन्ना बोया जा रहा है। किसान महक सिंह, यशवीर सिंह के मुताबिक गन्ना बुआई के समय एक बीघा खेत की नालियों में बीज के अलावा 13 किलो डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट), 10 किलो यूरिया, 5 किलो पोटाश डलता है। यह बीज से निकलने वाले पौधे के लिए पोषक तत्व का काम करता है।