उत्तराखण्ड

हत्या की साजिश नाकाम, पुलिस मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार

रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने रविवार देर रात हत्या की वारदात को अंजाम देने जा रहे बदमाशों से मुठभेड़ के बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जवाबी फायरिंग में मुख्य आरोपी के पैर में गोली लगी, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, आठ कारतूस, दो खोखा कारतूस, बिना नंबर प्लेट की कार और तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से वांछित चल रहे जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी के बारे में रविवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली कि वह अपने साथियों के साथ डिबडिबा निवासी प्रतिद्वंद्वी एसप्रीत कंग की हत्या की नीयत से बिना नंबर प्लेट की सफेद रंग की क्विड कार में निकला है। सूचना पर पुलिस ने जाफरपुर कट के पास घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपी कार लेकर भाग निकले। पीछा करने पर यूनिटी लॉ कॉलेज के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर तारबाड़ से टकरा गई। इसके बाद बदमाश पास के बाग में घुस गए और पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी फायरिंग में 28 वर्षीय मुख्य आरोपी जितेंद्र चौधरी उर्फ विरत चौधरी पुत्र रामचंद्र चौधरी निवासी फेस-1 जोहल पैराडाइज, सुभाष नगर, डिबडिबा, थाना बिलासपुर (रामपुर) के दाहिने पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने घायल जितेंद्र, 21 वर्षीय सुमित राठौर पुत्र जसवंत निवासी फुलसुंगा, थाना ट्रांजिट कैंप रुद्रपुर और 32 वर्षीय चंदन लाल पुत्र झब्बू लाल निवासी सुभाष कॉलोनी, डिबडिबा, थाना बिलासपुर (रामपुर) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं चौथा आरोपी निरंजन टाकुली उर्फ नीरू टाकुली निवासी चंदेन फार्म, बिलासपुर फायरिंग करते हुए फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। घायल आरोपी को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ पुलिस पर जानलेवा हमला, आपराधिक षड्यंत्र और शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। घटनास्थल से फोरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए हैं। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जिले में अपराधियों, गैंगस्टरों और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। पुलिस पर हमला करने, गैंगवार को बढ़ावा देने और आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पूरी कार्रवाई को कोतवाल प्रकाश दानू के नेतृत्व में एसएसआई खुशवंत सिंह, एसआई प्रदीप कुमार, एसआई प्रदीप पंत, एसआई पंकज कुमार, एएसआई अमित कुमार और एसओजी टीम ने संयुक्त रूप से अंजाम दिया।

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